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अनाजमंडी में फसल बेचने को लेकर किसान हो रहा है परेशान

सरकार की ओर से किसानों की फसल को लेकर किए जा रहे तमाम दावे धराशाही होते नजर आ रहे हैं। लोकसभा चुनाव मे जहां सरकार किसानों को राहत देने और उनकी आए को दोगुना करने की बात कर रही है। वही ऑनलाइन बिक्री किसानों के गले की फांस बनी हुई है। किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए हिसार की अनाजमंडी में लंबी लाइन में लग कर भूखे प्यासे घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
डिजिटल इंडिया की बात करने वाली सरकार सरकार प्रत्येक मंडी को फार्म अपलोड करने के लिए एक-एक लॉगिन आई डी तक मुहैया नहीं करवा पाई। आदमपुर और हिसार की मंडी के लिए केवल एक ही लॉगिन आई डी जारी की गई है जो एक समय में केवल एक ही मंडी से संचालित की जा सकती है।

ऑनलाइन सिस्टम से हो रही है परेशानी…….

 

किसानों की फसल का दाना दाना खरीदने वाली सरकार केवल अब तक मेरी फसल मेरा ब्यौरा के तहत रजिस्ट्रेशन न करवाएं गए किसानों में से केवल मात्र 18 फार्म अब तक अपलोड कर पाई है। गौरतलब है कि हिसार मंडी में 78 गांव की फसल किसानों की तरफ से बेची जाएगी। लेकिन इसके लिए एक तो महज 5 दिन का समय दिया गया है वही वेबसाइट का ना चलना और कर्मचारियों की कमी सरकार के तमाम दांवों की पोल खोलती नजर आ रही है।
किसान के लिये दोहरी मुसिबत हो गई है। किसान करें तो क्या करें। एक तरफ जहां मौसम करवट ले रहा है, ऐसे वक्त में किसान अपने खेतों में पड़ी फसल को संभाले या फिर मंडी में फसले बेचने के लिये घंटों लाइन में लगे। किसानों का कहना है कि ऑनलाइन फॉर्म जमा कराने के लिए उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है और लंबी लाइनों में लगना पड़ता है।। यही नहीं एक किसान की अगर 25 क्विंटल से ऊपर सरसों है तो उसकी भी खरीद नहीं हो रही है।

देखिये क्यों हो रही है परेशानी……..

 

किसानों का आरोप है कि पटवारी और मार्केट कमेटी के अधिकारी उन्हें बार-बार चक्कर लगवा रहे हैं और सुबह से शाम तक वो ऑनलाइन करवाने के लिए कागजों में ही उलझ कर रह जाते हैं। वहीं हिसार मार्केट कमेटी के सह सचिव मनदीप राणा का कहना है कि हिसार और आदमपुर की वेबसाइट का आईडी और पासवर्ड एक होने की वजह से देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि आदमपुर और हिसार की ऑनलाइन वेबसाइट में से एक ही आईडी चल पाती है जिसके कारण मात्र 1 दिन में 18 से 20 फार्म ही ऑनलाइन हो पाते हैं।
सरकार को इस ओर ध्यान देकर जल्द समस्या का समाधान करना चाहिये ताकि किसान कम से कम मंडी में परेशान ना हो। किसान कड़ी मेहनत करने के बाद फसल पकाता है और उसके बाद अगर उसे मंडी में फसल बेचने के लिये धक्के खाने पड़े तो वो टूट जाता है। उम्मीद है किसानों के लिये दावे वादे करने वाली सरकार जल्द हिसार की अनाजमंडी में आ रही दिक्कत को दूर करेगी।
Report By- रुद्रा राजेश कुण्डू, हिसार

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