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अभय चौटाला को नेता विपक्ष पद से हटाये जाने वाले बयान को लेकर इनेलो का एतराज

इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव आरएस चौधरी ने इस बात को लेकर खेद एवं निराशा व्यक्त की है कि नलवा और हथीन विधानसभा चुनाव क्षेत्रों से इनेलो के चुनाव चिह्न पर जीत कर आए रणबीर गंगवा और केहर सिंह रावत के दलबदल के मामले के तथ्यों को तोड़मरोड़ कर प्रस्तुत किया जा रहा है।

इनेलो ने विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर उठाये सवाल…..

इनेलो नेता ने कहा कि अभी तक जितने भी प्रिंट एवं मीडिया से प्राप्त प्रमाण मिले हैं उनसे यह स्पष्ट हो जाता है कि रणबीर गंगवा ने दलबदल कर भाजपा में शामिल होने की घोषणा 22 मार्च को की थी और केहर सिंह रावत ने ऐसी घोषणा 25 मार्च, 2019 को की। किंतु आश्चर्य की बात है कि विधानसभा के अध्यक्ष कंवर पाल गुज्जर संसार को यह बताना चाहते हैं कि उक्त दलबदलुओं के विधानसभा की सदस्यता से त्याग-पत्र 20 मार्च, 2019 को ही उनके कार्यालय में आ चुके थे हालांकि वे सदस्य स्वयं प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में दलबदल के समय यह कहते सुने गए कि उन्होंने दलबदल के समय त्याग-पत्र नहीं दिया था।
चौधरी ने कहा कि जिस प्रकार से इस पूरे प्रकरण में अध्यक्ष महोदय अब भूमिका निभा रहे हैं उससे हरियाणा राज्य को वापिस उस दशक में ले जाया जा रहा है, जिसमें  हरियाणा और ‘आया राम गया राम’ की राजनीति के पर्याय बन गए थे।
आरएस चौधरी ने कहा किये खेद की बात है कि वर्तमान अध्यक्ष की अब तक की छवि बड़ी साफ-सुथरी थी और अध्यक्ष के रूप में अपने आचरण से उन्होंने सभी कहा का मन जीता था। परंतु इस प्रकरण से उनकी छवि पर दाग लगा है क्योंकि अब वह दलबदल की राजनीति को न केवल बढ़ावा दे रहे हैं बल्कि उसको पुरस्कृत भी कर रहे हैं।

इनेलो ने फिर की 6 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की अपील……

इनेलो नेता ने एक बार फिर विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि वो तुरंत प्रभाव से रणबीर गंगवा, केहर सिंह रावत, नैना सिंह चौटाला, अनूप धानक, राजबीर फोगाट और पिरथी सिंह नंबरदार को विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित करें। इसी के साथ उन्होंने ये भी स्पष्टीकरण दिया कि अभय सिंह चौटाला ने पहले ही उनकी अयोग्यता को ध्यान में रखते हुए और अध्यक्ष के निर्णय के उपरांत इनेलो के सदस्यों की गिनती कम होने के कारण नेता विपक्ष के पद से त्याग-पत्र भेज दिया था। इसलिए विधानसभा अध्यक्ष का ये कहना कि उन्हें उनके पद से हटाया गया है, गलत बयानी है।

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