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चुनाव आयोग ने नेताओं और राजनीतिक पार्टियों को दिये कड़े निर्देश, देखिये क्या

 

भारत चुनाव आयोग के निर्देशानुसार लोकसभा- 2019 के आम चुनावों की घोषणा होने के बाद से किसी भी सरकारी भवन या सरकारी परिसर जिसकी‌ दिवारों पर सरकार की उपलब्धियों के बारे में लिखा हुआ हो, पोस्टर, बैनर, हॉर्डिंगस इत्यादि को 24 घंटे के अंदर-अंदर हटाना होगा। इसके अलावा निजी संपत्ति पर लगे अनाधिकृत राजनैतिक विज्ञापनों को 72 घंटों के अंदर-अंदर हटाना आवश्यक है।

 

हरियाणा के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. इन्द्रजीत ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आयोग द्वारा उम्मीदवारों या राजनैतिक पार्टियों को समय-समय पर प्रचार तथा आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन न करने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्‍थानों जैसे बस स्टैंड, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, रेलवे पुल, सरकारी बसों, बिजली या टेलिफोन के खंभों पर लगे पोस्टर, बैनर, हॉर्डिंगस के रूप में सभी प्रकार के अनाधिकृत राजनैतिक विज्ञापनों को 48 घंटे के अंदर-अंदर हटाना आवश्यक है।

 

उन्होंने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार केंद्र तथा राज्य की सरकारी वेबसाइट पर मंत्री, राजनेता या राजनैतिक पार्टियों के संदर्भ में जानकारी को तुरंत प्रभाव से हटा दिया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि आयोग के निर्देशानुसार मंत्री चुनाव से संबंधित किसी भी कार्य को उनके अधिकारिक यात्रा के साथ न जोड़े और सरकारी मशीनरी का उपयोग चुनाव से संबंधित किसी भी कार्य के लिए न करें। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्‍थानों जैसे खाली मैदान इत्यादि का उपयोग चुनाव बैठकों के लिए और चुनाव से संबंधित किसी भी कार्य के लिए हैलिपैड का इस्तेमाल सत्ताधारी पार्टी का एकाधिकार नहीं होगा। अन्य उम्मीदवार या राजनैतिक पार्टियां भी इन स्‍थानों या सुविधाओं का बराबर उपयोग कर सकती है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिगत राजनीतिक पदाधिकारी रेस्ट हाऊस या अन्य सरकारी जगहों पर रुकते हैं तो वे उन सरकारी स्‍थानों का इस्तेमाल चुनाव संबंधित किसी भी गतिविधियों के लिए नहीं कर सकते हैं।

 

डॉ. इन्द्रजीत ने बताया कि चुनावों की घोषणा होने के बाद अब सरकारी उपलब्धियों पर किसी भी प्रकार का विज्ञापन प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रकाशित नहीं किया जा सकता है तथा मंत्री या अन्य प्राधिकरण किसी भी प्रकार का वित्तिय अनुदान, शिलान्यास, सरकारी विभागों में अनुबंध आधार पर नियुक्तियों (जो मतदाताओं का प्रभावित कर सकती हैं) की घोषणा नहीं कर सकते हैं।

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