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जननायक जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के गठबंधन की संभावना का The End

कुछ समय पहले ही जब जींद का उपचुनाव हो रहा था तो उस समय पूरे देश की नजरें उस चुनाव पर टिकी थी। उस चुनाव में जब चुनाव की घोषणा हुई तो आम आदमी पार्टी ने चुनाव ना लड़ने का फैसला लिया और कार्यकर्ताओं से कहा कि नोटा को वोट किया जाये। जब चुनाव में मतदान की तारीख नजदीक आ रही थी तो अचानक आम आदमी पार्टी ने दुष्यंत चौटाला की पार्टी जननायक जनता पार्टी का साथ देने का एलान कर दिया। ना सिर्फ एलान बल्कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जींद में जेजेपी के उम्मीदवार दिग्विजय चौटाला के समर्थन में रैली को भी संबोधित किया। दोनों पार्टियों के नेताओं की ओर से एक दूसरे की तारीफ की गई।

 

जींद के चुनाव के बाद भी ऐसा कहा जा रहा था कि आगामी लोकसभा और विधानसभा के चुनाव के लिये दोनों पार्टियों का गठबंधन हो सकता है। दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच बातचीत का सिलसिला भी जारी था लेकिन शनिवार को आम आदमी पार्टी के हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने अपने ट्वीटर पर लिखा की जेजेपी के साथ गठबंधन की बातचीत खत्म हो गई है और आम आदमी पार्टी हरियाणा में अपने दम पर लोकसभा और विधानसभा का चुनाव लड़ेगी।

 

 

अगर आप नवीन जयहिंद के इस ट्वीट को देखें तो पता चलता है कि आम आदमी पार्टी ने काफी कोशिश की गठबंधन की। नवीन के मुताबिक जेजेपी दिल्ली में भी लोकसभा की एक सीट मांग रही है। नवीन का कहना है कि पार्टी अब प्रदेश में 10 लोकसभा सीटों और 90 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी मतलब अब किसी और पार्टी से गठबंधन नहीं किया जायेगा।

अब आगे क्या……….

 

दोनों पार्टियों का गठबंधन ना होने से दोनों को नुक्सान हो सकता है। जींद के चुनाव में दोनों पार्टियों के नेताओं की ओर से एक दूसरे की तारीफ की गई अब जब गठबंधन नहीं हुआ तो आने वाले समय में दोनों पार्टियों के नेता एक दूसरे की आलोचना करते भी नजर आयेंगे। ऐसा जींद के चुनाव से पहले भी था। वहीं जेजेपी अब अकाली दल के साथ गठबंधन कर सकता है या फिर अपने दम पर लोकसभा का चुनाव लड़कर वो अपनी ताकत को आजमा सकते हैं। 

 

दरअसल राजनीति में ऐसा ही होता है। पता नहीं कब किसी का गठबंधन हो जाये और कब टूट जाये। इक्कठे हैं तो एक दूसरे की तारीफ अगर इक्कठे नहीं तो एक दूसरे की जमकर आलोचना। हरियाणा में आने वाले समय में अभी कई गठबंधन देखने को मिलेंगे। कुछ समय पहले ही इनेलो – बसपा का गठबंधन टूटा और नया गठबंधन बना, बसपा और लोसपा का। अब अकाली दल भी किसी के साथ गठबंधन करने की फिराक में है। अकाली दल आने वाले समय में या तो बीजेपी या फिर जेजेपी के साथ गठबंधन कर सकता है। हालांकि अकाली दल का पंजाब में बीजेपी के साथ गठबंधन है तो संभावना हरियाणा में भी बीजेपी के साथ लग रही है लेकिन वहीं अकाली दल के नेताओं की लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के मुखिया राजकुमार सैनी से भी मुलाकात हो चुकी है तो आने वाले दिनों में कुछ भी हो सकता है।

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