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हरियाणा के बजट को लेकर सुरजेवाला, दुष्यंत चौटाला और जयहिंद ने देखिये क्या कहा

हरियाणा की बीजेपी सरकार की ओर से विधानसभा चुनाव से पहले आखिरी बार बजट पेश किया। इस बजट को लेकर जहां बीजेपी अपनी पीठ थपाथपा रही है वहीं विपक्ष ने इस बजट को लेकर सरकार पर हमला बोला है। बजट पेश होने के बाद क्या कहा विपक्ष ने वो हम आपको बताते हैं।

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने क्या कहा………….

रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा की भाजपा सरकार द्वारा जारी किए गए बजट को पूरी तरह से निराशाजनक बताया है। सुरजेवाला ने कहा कि ‘इस बजट ने  समाज के सभी वर्गों को निराश किया है । सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा सरकार ने हरियाणा के लोगों को अपने आखिरी बजट से हर बार की तरह एक बार फिर पूरी तरह निराश किया है। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र की पूरी तरह अनदेखी की गयी है, जिसमे महंगाई दर का भी ध्यान नहीं रखा गया।’
सुरजेवाला ने कहा कि ‘सरकार ने इस बजट में न तो युवाओं, न किसानों और न ही व्यापारियों के लिए कोई विशेष घोषणा की, जो 1500 करोड़ रुपए की कागजी योजना घोषित की है, उनके बारे में नहीं बताया की वो कहाँ इस्तेमाल होंगे और कहाँ से पैसे का इंतज़ाम किया जाएगा।बजट ने सरकारी कर्मचारियों को भी पूरी तरह निराश किया है जो भाजपा के चुनावी वायदे के अनुसार पंजाब वेतनमान की तर्ज पर वेतनमान की वृद्धि की उम्मीद कर रहे थे।’
सुरजेवाला ने कहा कि ‘प्रदेश की जनता को उम्मीद थी कि यह सरकार अपनी विदाई के समय कुछ न कुछ बड़ी घोषणाएं करेंगी, लेकिन इस जन विरोधी सरकार ने जनता की उम्मीदों पर इस निराशाजनक बजट से पूरी तरह से पानी फेर दिया है। इस बजट में न तो भविष्य के लिए कोई योजना है और न ही कृषि, छोटे दुकानदारों को कोई राहत दी गई है। वहीं रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जहाँ इस निक्कमी सरकार की लूट खसोट की नीति के कारण डीजल, खाद, बीज, कीटनाशक के दाम बढ़ाए गए, वहीं इतिहास में पहली बार किसानों के उपकरणों पर टैक्स लगाया गया और अब इस बजट ने किसानों को घोर निराशा दी है।’
सुरजेवाला ने कहा कि ‘भाजपा सरकार ने संपन्न और फलते-फूलते प्रदेश को कंगाली के रास्ते पर लाकर खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दस सालों के कार्यकाल में हरियाणा का तेजी से विकास हुआ। समाज के सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हए में अनेको योजनाएं लागू की गईं। लेकिन भाजपा सरकार ने समृद्ध व उभरते हुए प्रदेश को कंगाली पर ला खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट में स्वयं ही स्वीकार किया है कि 2019-20 में प्रदेश का ऋण बढ़कर 1,79,740 करोड़ रुपए हो गया है, जबकि 2014-15 में प्रदेश का कर्ज 70,931 करोड़ रुपये था, जोकि भाजपा सरकार बनने के बाद बढ़कर 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश के लोगों को यह जानकर हैरानी हो रही है कि खट्टर सरकार द्वारा अपने शासनकाल में कोई भी नई परियोजनाएं शुरू न करने के बावजूद राज्य का कर्ज 1 लाख 10 हजार करोड़ कैसे बढ़ गया।’

जननायक जनता पार्टी के नेताओं ने क्या कहा बजट को लेकर……

जेजेपी के प्रदेश अध्यक्ष निशान सिंह ने कहा कि ‘सरकार ने कृषि जैसे अति महत्वपूर्ण विभाग का बजट सिर्फ 4.5 फीसदी बढ़ाया गया है जबकि कुल बजट में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी बताई गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने खुद यह स्वीकार कर लिया है कि कृषि और किसान उनकी प्राथमिकता में बिल्कुल नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने खेती का बजट उतना भी नहीं बढ़ाया जितनी आज से समय में महंगाई दर है। यानी किसानों को सरकार वक्त से भी पीछे छोड़ना चाहती है। सरकार को चाहिए था कि किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए संस्थागत और नीतिगत फैसले लेती। उल्टे चुनावी साल में किसानों को भ्रमित करने के लिए उन्हें कुछ नकद पैसे देने की हिम्मत जरूर भाजपा सरकार ने दिखाई जो अनैतिक है और महज दिखावा है।
निशान सिंह ने कहा कि साढ़े 4 साल तक किसानों को भगवान भरोसे छोड़ने वाली भाजपा सरकार की नींद चुनाव सामने देखकर टूटी है और अब वे आननफानन में हाथ-पैर मार रहे हैं लेकिन देश का किसान अब इस जनविरोधी सरकार की सभी चाल समझने लगा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अगर सरकार चुनावी साल में सच्चे-झूठे वादे कर ही रही थी तब भी कृषि क्षेत्र के लिए बजट में एक भी नई योजना क्यों शामिल नहीं कर पाई ? निशान सिंह ने कहा कि उन्होंने बजट पढ़कर देखा है और उन्हें कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कोई नई योजना नहीं मिली।
वहीं सांसद दुष्यंत चौटाला ने भी हरियाणा सरकार के बजट को चुनावी घोषणाओं का पुलिंदा करार दिया। युवा सांसद ने कहा कि सरकार के पास रोजगार, अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर ना पहले कोई स्पष्ट योजना थी, ना इस बजट में दिखी। निजी क्षेत्र में स्किल इंडिया के जरिए रोजगार पैदा करने की भाजपा सरकार की योजना औंधे मुंह गिरी है और सरकार के पास बताने के लिए इससे जुड़े आंकड़े तक नहीं है। सांसद ने कहा कि हरियाणा के वित्तमंत्री ने 100 एन्वायरमेंट स्मार्ट गांव बनाने की बात कही है जबकि स्मार्ट सिटी के लिए घोषित हरियाणा के तीन शहरों में बीते 4 सालों में सुधार की बजाय बदहाली ही बढ़ी है।
दुष्यंत ने कहा कि पंचकूला जैसा आधुनिक शहर भी स्वच्छता सर्वेक्षण में टॉप 100 शहरों में जगह नहीं बना पाया, उल्टे हरियाणा के शहर देश के सबसे अस्वच्छ शहरों में शुमार हो गए। इससे दिखता है कि भाजपा सरकारें सिर्फ योजना बनाकर वाहवाही लेती हैं, उन्हें लागू करने में पूरी तरह विफल होती है। सांसद ने कहा कि सरकार ने सिर्फ 164 रोडवेज बसें अपने खेमे में शामिल की जबकि इनके कहीं ज्यादा बसें इस दौरान कंडम हो गई। ना तो सरकार निजी बसें सड़कों पर लाने की कोई व्यावहारिक नीति ला पाती, ना सरकारी बसों की संख्या बढ़ाती। लोग परेशान होते रहें, महंगी गाड़ियों और एरोप्लेन में चलने वाली सरकार के मंत्रियों को कोई लेना देना नहीं।
दुष्यंत चौटाला ने ये भी कहा कि सरकार हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनाने की बार-बार घोषणा करती है जबकि बजट में बमुश्किल 3 जिलों में मेडिकल कॉलेज पर काम होने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि वे लगातार हरियाणा के दौरे पर हैं, उन्हें कहीं भी किसी शहर में सरकारी मेडिकल कॉलेज के नाम पर कोई ईंट लगती नज़र नहीं आई। अच्छा होता कि वित्त मंत्री बताते कि कौनसा कॉलेज कितना बन गया है और कब तक शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गांवों के विकास के लिए कोई नई योजना बजट में नहीं रखी। वित्तमंत्री ने ना सिर्फ पुरानी योजनाओं का गुणगान बजट में किया बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर उन मकानों की संख्या गिनवा दी जो हरियाणा का हाऊसिंग बोर्ड यह योजना घोषित होने के पहले से ही बना रहा था। सांसद ने सवाल किया कि मंत्री जी ने सदन को यह क्यों नहीं बताया कि इस घरों पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली छूट मिलेगी या नहीं।

आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने क्या कहा………

आम आदमी पार्टी प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिन्द ने कहा कि ‘विधानसभा में जनता के लिए बजट नहीं खट्टर सरकार ने अपना घोषणा पत्र जारी किया है। इस बजट मे किसानों को  कुछ नहीं दिया गया, पेंशन के नाम पर उनका सम्मान नहीं अपमान किया जा रहा है। अगर किसानों को सम्मान देना चाहती है तो सरकार स्वामीनाथन नाथन आयोग की रिपोर्ट लागु कर उनकी फसल का उन्हें उचित मूल्य दे। शहरी लोगों को बजट में पूरी तरह अनदेखा किया गया।’
जयहिन्द ने प्रदेश के कर्मचारियों की हुई अनदेखी पर कहा कि ‘कर्मचारियों के लिए कोई सौगात नही लेकर आई सरकार। NHM , आंगनबाड़ी वर्कर्स , बिजली विभाग , रोडवेज व अन्य सभी विभागों के कर्मचारियों के साथ बजट के नाम पर धोखा किया गया। करमचारियो को कुछ चुनिन्दा बैकों में खाते खुलवाने के लिए दबाव दिया जा रहा है। खट्टर सरकार और वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु बताये कि इन बैकों के साथ भाजपा की क्या साठ–गाठ  हुई है। पिछले वर्ष का जारी बजट आज तक सरकारी विभाग खर्च नही कर पाए है। प्रदेश के सरकारी स्कूल –अस्पतालों के हालत बद-बदतर है। 800 से ज्यादा सरकारी स्कूल बंद हो गये अब वित्त मंत्री बताये कि 4 साल का बजट कहाँ है।  पिछले बजट की घोषणाये अभी तक अधूरी है तो नये बजट का जनता क्या करेगी।’

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