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चौटाला की रिहाई का मामला-गेंद अब केजरीवाल सरकार के पाले में

 

इनेलो सुप्रीमों ओमप्रकाश चौटाला जेल से रिहा हो सकते हैं लेकिन ये तभी संभव है जब दिल्ली की केजरीवाल सरकार चाहे। दरअसल ओमप्रकाश चौटाला की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई है। इससे पहले तिहाड़ जेल के अधिक्षक के पास भी एप्लीकेशन लगाई गई थी लेकिन वहां से रिस्पॉंस नहीं मिला तो चौटाला की ओर से अब हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने चौटाला की अर्जी पर दिल्ली की केजरीवाल सरकार से विचार करने को कहा है।

 

दरअसल ओमप्रकाश चौटाला ने तीन महीने पहले ही तिहाड़ जेल अधिक्षक के पास सजा पूरी होने पर रिहा करने की याचिका लगाई थी। ओमप्रकाश चौटाला पिछले करीब 6 साल से सजा काट रहे हैं। जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाले के आरोप में चौटाला के अलावा उनके बेटे अजय चौटाला को दस साल की सजा सुनाई गई थी। चौटाला 84 साल के हो चुके हैं। केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार 70 फीसदी दिव्यांग होने के साथ यदि किसी कैदी की उम्र 60 साल से ज्यादा है और वो सजा को आधा समय जेल में काट चुका है तो राज्य सरकार उसकी रिहाई के लिए विचार कर सकती है। चौटाला ने इन्हीं नियमों का हवाला देते हुये पहले जेल अधिक्षक और अब हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। इस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार को 4 हफ्ते में फैसला लेने को कहा है। केंद्र सरकार की ओर से कैदी की सजा माफ का जो नियम है उसमें हालांकि भ्रष्टाचार के मामले में माफी नहीं होगी लेकिन चौटाला आधे से ज्यादा सजा काट चुके हैं।

क्या केजरीवाल सरकार चाहेगी चौटाला को रिहा किया जाये………..

 

दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने हाईकोर्ट के कहे अनुसार सजा माफी की अर्जी पर चार हफ्ते में अपनी बात रखनी है लेकिन बड़ा सवाल कि क्या केजरीवाल सरकार सजा माफी के लिये लिखेगी। एक बार पहले चौटाला को दिल्ली की तिहाड़ जेल से पंजाब की बठिंडा जेल में शिफ्ट करने का मामला सामने आया था और उस समय इनेलो की ओर से कहा गया था कि केजरीवाल सरकार ने इसकी परमिशन नहीं दी। उसके बाद अब थोड़ा समय पहले ही जींद के उपचुनाव के वक्त चौटाला के फरलो पर आने की खबर थी लेकिन अस्पताल से ही चौटाला को जेल शिफ्ट कर दिया गया, तब चौटाला ने खुद कहा कि ये केजरीवाल सरकार की साजिश है, चौटाला ने इसके लिये अपने पोतों दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला को भी जिम्मेदार ठहराया। दरअसल जींद के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने दिग्विजय चौटाला को समर्थन दिया था। इसलिये चर्चा थी कि आप और जेजेपी क्यों चाहेंगे कि चौटाला बाहर आयें जिससे वोटों पर असर पड़े। हालांकि दुष्यंत चौटाला ने कहा था कि ऐसा उन्होनें नहीं किया। इनेलो के कहे अनुसार अगर इन दोनों घटनाओं के पीछे केजरीवाल सरकार थी तो अब कैसे मान लिया जाये कि दिल्ली की ‘आप’ सरकार चौटाला की रिहाई के पक्ष में होगी। खैर वक्त वक्त की बात है कुछ कहा नहीं जा सकता लेकिन इनेलो पार्टी के नेताओं को कहीं ना कहीं उम्मीद है कि उनकी पार्टी के सुप्रीमों जल्द ही रिहा होकर उनके बीच में होंगे। फिलहाल चौटाला 21 दिन की फरलो पर बाहर हैं और तबीयत खराब होने की वजह से कुछ दिन पहले ही उन्हें गुरूग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

 

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