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नंबरदारों की बल्ले-बल्ले- हर महीने मिलेगा 3 हजार रूपये भत्ता

हरियाणा विधानसभा का आगामी बजट सत्र 20 फरवरी, 2019 को बुलाया जाना निश्चित हुआ है। इस आशय का निर्णय मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमण्डल की बैठक में लिया गया। सोमवार को चण्डीगढ में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में हरियाणा सरकार ने सेना और केन्द्रीय सुरक्षा पुलिस बल के भूतपूर्व सैनिकों में से अतिरिक्त 4500 विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओज) को रखने का निर्णय लिया है, जबकि वर्तमान में कार्य कर रहे 5500 विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओज) को 14000 रुपये प्रतिमाह मानदेय बढ़ाकर 18000 रुपये प्रतिमाह करने का भी निर्णय लिया गया है। वर्तमान में राज्य पुलिस में पहले से कार्य कर रहे 5500 एसपीओज को प्रतिमाह 14000 रुपये मानदेय दिया जा रहा था। लेकिन मानदेय बढ़ाने के निर्णय से राज्य सरकार के कोष पर 21.60 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार पड़ेगा।
मंत्रिमण्डल ने गुरुग्राम पुलिस कमिश्नरेट में रात्रि पाली में गश्त के लिए लगाए गए 1000 एसपीओज  के के स्तर के बदलाव प्रस्ताव को भी मंजूरी दी ताकि सभी एसपीओज के बीच सामान्य डयूटी की एकरूपता लाई जा सके।
हरियाणा सरकार ने विकास एवं पंचायत विभाग की कार्यप्रणाली के मद्देनजर विकास एवं पंचायत विभाग (ग्रुप ख) सेवा नियम, 2016 में संशोधन करने का निर्णय लिया है। नये नियम हरियाणा विकास एवं पंचायत विभाग (ग्रुप ख) सेवा (संशोधन) नियम, 2018 कहलाएंगे। संशोधन के अनुसार यदि पात्र सामाजिक शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी (एसईपीओ) खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) के पद पर पदोन्नति के लिए उपलब्ध नहीं है तो पदोन्नति कोटा के पदों का अधिकतम 50 प्रतिशत सीधी भर्ती द्वारा इस शर्त पर भरे जा सकते हैं कि भविष्य में सीधी भर्ती के पदों को पदान्नति द्वारा तब तक भरा जाएगा जब तक पदोन्नति का निर्धारित कोटा प्राप्त नहीं होता।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में नियमित आधार पर काम करने वाले पटवारियों की अंतर-जिला स्थानांतरण नीति (कैडर परिवर्तन नीति) को मंजूरी दे दी है।वर्तमान में, पूरे राज्य में राजस्व पटवारी हरियाणा राजस्व पटवारियों (गु्रप-सी) सेवा नियम, 2011 द्वारा शासित हैं और यह जिला कैडर पद है। कुछ पटवारियों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें अपने मूल आवंटित जिले से बाहर स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है और उन्हें अपनी पूरी सेवा के दौरान एक ही जिले में बने रहना चाहिए। वरीयता उन महिला पटवारियों को दी जाएगी, जिनके पति हरियाणा सरकार के राजस्व विभाग या जिला कैडर के तहत अन्य विभागों में कार्यरत है। यह वरीयता उन महिला पटवारियां को भी दी जाएगी, जो इस विभाग में शामिल होने के बाद शादी करती हैं और उस जिले में उनके पति या ससुराल के लोग रहते हैं। सभी महिला पटवारी, जिनके पति हरियाणा के किसी अन्य विभागों (राज्य कैडर) या बोर्डों, निगमों, हरियाणा सरकार के विश्वविद्यालयों या नगर निगम, नगर परिषद या हरियाणा के नगरपालिका समिति व अन्य में  नियमित आधार पर अन्य जिलों में काम कर रहे हैं।  उन्होंने बताया की  ट्रस्टों/निजी संस्थानों को सामाजिक/ धार्मिक/धर्मार्थ/सामुदायिक उद्देश्यों के लिए सरकारी/भूमि आवंटन की नीति को मंजूरी प्रदान की गई। यह नीति किसी भी सरकारी विभाग की भूमि को सामाजिक,धार्मिक,धर्मार्थ ट्रस्टों या संस्थाओं को पूजा स्थलों, धर्मशालाओं, जांजघरों, बारातघर और सामुदायिक केंद्रों के निर्माण के लिए प्रदान करने के लिए तैयार की गई है। सामाजिक न्याय एंव अधिकारिता राज्यमंत्री ने बताया कि राज्य के नंबरदारों को मानदेय 1500 रुपये से बढ़ाकर तीन हजार रुपये प्रतिमाह करने तथा मोबाइल फोन उपलब्ध करवाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। यह घोषणा मुख्यमंत्री ने नंबरदार सम्मेलन के दौरान की थी।
सामाजिक न्याय एंव अधिकारिता राज्यमंत्री ने बताया की हरियाणा सरकार ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले सीआरपीएफ के शहीद सिपाही सतीश कुमार के आश्रितों को अनुकंपा आधारित स्कीम के तहत सरकारी नौकरी देने का निर्णय लिया है। सिपाही सतीश कुमार, सीआरपीएफ, गांव छत्तर, तहसील उचाना जिला जींद आपरेशन रक्षक के दौरान जम्मू कश्मीर में दिनांक 20 मार्च, 2015 को शहीद हो गए थे। शहीद की पत्नी श्रीमती कमला देवी को एक विशेष केस के तौर पर अनुकम्पा आधार पर गु्रप डी के पद सेवादार की नियुक्ति प्रदान करने हेतू योग्यता में ढील प्रदान करते हुए नौकदी दी गई है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान अब तक शहीदों के आश्रितों को 275 नौकरियां दी जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि धर्मार्थ, धार्मिक, कंपनियों या एक और धर्मार्थ, ट्रस्ट या कंपनियों की सामाजिक सांस्कृतिक शिक्षण संस्थानों की भूमि के हस्तांतरण के मामले में स्टाम्प शुल्क को कम करने की स्वीकृति प्रदान की ताकि वित्तीय संकट की वजह से शैक्षणिक संस्थानो को बंद होने से कम किया जा सके। यह निर्णय इन संगठनों को हस्तांतरण के लिए स्टॉम्प ड्यूटी की बचत करने के अन्य साधनों का सहारा लेने के बजाय अपने दस्तावेजों को पंजीकृत करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इसके अलावा, ट्रस्ट या समाज द्वारा संचालित गौशालाओं के पक्ष में गिफ्ट डीड पर पूरी स्टैंप ड्यूटी में भी छूट दी गई है।

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