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रोहतक में दीपेंद्र हुड्डा के सामने वीरेंद्र सहवाग को उतार सकती है बीजेपी

 

लोकसभा चुनाव 2019 के लिये सभी पार्टियों ने जोड़-तोड़ और संभावित गठबंधन पर काम करना शुरू कर दिया है। हरियाणा में पिछली बार बीेजेपी ने 10 में से 7 सीटें जीती थी। रोहतक , हिसार और सिरसा की सीट बीजेपी को नहीं मिली थी। इस बार बीजेपी ने इन सीटों पर विशेष तौर पर फोकस करने की ठान ली है। सुनने में ये आ रहा है कि रोहतक सीट पर दीपेंद्र हुड्डा को घेरने के लिये भारतीय क्रिकेट टीम में मुल्तान के सुल्तान के नाम से विख्यात रहे वीरेंद्र सहवाग को टिकट दे सकती है। लंबे समय से ये खबरें आ रही हैं कि सहवाग बीजेपी की ओर से चुनाव लड़ सकते हैं। दरअसल सहवाग जाट हैं और झज्जर में स्कूल के अलावा क्रिकेट की अकादमी भी चलाते हैं। बीजेपी की रणनीति है कि दीपेंद्र को रोकने के लिये सहवाग अच्छे उम्मीदवार हो सकते हैं। आने वाले दिनों में इस खबर पर मुहर लग सकती है। निगम चुनाव के बाद जींद उप चुनाव में पार्टी की जीत से पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व प्रदेश सरकार से खुश है। ऐसे में अब हरियाणा की लोकसभा सीटों पर फोकस किया जा रहा है। इसमें सबसे ज्यादा नजर 2014 में मोदी लहर के बावजूद हाथ से निकल गई रोहतक, हिसार व सिरसा सीट पर है। इन तीन सीटों पर बीजेपी की राह आसान नहीं है क्योंकि रोहतक से दीपेंद्र हुड्डा तो हिसार से दुष्यंत चौटाला सांसद हैं ऐसे में उनको टक्कर देना बीजेपी के लिये आसान नहीं है। हालांकि सहवाग अगर रोहतक से मैदान में उतरते हैं तो मुकाबला रोचक हो सकता है।

 

बीजेपी इसके अलावा दिल्ली से क्रिकेटर गौतम गंभीर और पंजाब की गुरदासपुर सीट से फिल्म स्टार अक्षय कुमार को मैदान में उतार सकती है। गुरदासपुर से पहले बीजेपी की ओर से विनोद खन्ना जीत हासिल करते रहे हैं लेकिन उनकी मौत के बाद बीजेपी के हाथ से ये सीट निकल गई थी। गुरदासपुर के उपचुनाव में कांग्रेस के सुनील जाखड़ ने रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की थी। अब बीजेपी की ओर से विनोद खन्ना की पत्नी भी चुनाव लड़ना चाहती है लेकिन बीजेपी हाईकमान ये देख रहा है कि सीट पर जीत कौन हासिल कर सकता है। वहीं कांग्रेस के मौजूदा सांसद और पंजाब कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़ भी गुरदासपुर से ही चुनाव लड़ने की बात कह चुके हैं।

 

पिछली बार यानि 2014 में मोदी लहर होने की वजह से हरियाणा में 10 में से 7 तो पंजाब में पार्टी के हिस्से आई तीन सीटों में से 2 पर जीत हासिल की थी लेकिन बाद में उपचुनाव में 1 सीट और गवा दी थी। पंजाब में बीजेपी और अकाली दल का गठबंधन है तो अब पंजाब में बीजेपी 13 सीटों में से 6 सीटों पर चुनाव लड़नी चाहती है मतलब 3 की बजाये वो 6 सीटे चाहती है। वहीं पंजाब के अलावा अब हरियाणा में भी बीजेपी और अकाली दल का गठबंधन होने की संभावना है।

 

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