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मोबाइल नेटवर्क को तरसते गांव के लोग, इंटरनेट कंपनियों के दावे फेल

4G के बाद देश 5G की ओर आगे बढ़ रहा है लेकिन अभी भी गांव – देहात में मोबाइल नेटवर्क ना के बराबर है। मोबाइल नेटवर्क कंपनियां विज्ञापन में बड़े – बड़े दावे तो करती हैं कि उनका नेटवर्क हर जगह मौजूद है लेकिन ये दावे धरातल पर खोखले साबित हो रहे हैं। ‘द मसला’ की टीम को बहुत से लोगों के फोन कॉल आये कि इस मसले को सरकार तक या संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाये। खासकर हरियाणा के सिरसा जिले के ज्यादातर गांव ऐसे हैं जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं है। सिरसा के रानिया क्षेत्र में पड़ते गांव ओटू के सुनील कुमार ने बताया कि गांव में तीन-तीन कंपनियों के टावर होने के बावजूद भी नेटवर्क नहीं है। मोबाइल कंपनियों ने प्लान तो 4G  के दे रखे हैं लेकिन मोबाइल पर नेटवर्क 2G के बराबर है। ये तो हालत है जिस गांव में तीन-तीन कंपनियों के टावर लगे हैं इसके अलावा बाकि के गांवों की हालत तो और भी  बदतर है।

एक तरफ राजस्थान तो एक तरफ पंजाब के साथ लगते हरियाणा के सिरसा जिले के तमाम गांवों में नेटवर्क को लेकर लोग परेशान हैं। लोगों का कहना है कि गांव में तो नेटवर्क मिलता ही नहीं, हां गांव से थोड़ा बाहर निकलते हैं तो नेटवर्क मिलता है लेकिन इंटरनेट के हिसाब से उसकी स्पीड भी बहुत कम होती है। ग्रामवासियों के मुताबिक मोबाइल कंपनियों की ओर से दिये जा रहे सस्ते प्लान का भी क्या फायदा अगर नेटवर्क ही ना हो तो। किसी घर में अगर कोई बीमार पड़ जाये या कोई और हादसा हो जाये तो फोन ही नहीं मिलता तो ऐसे में लोग करें तो क्या करें।

लोग जब इस बारे में मोबाइल कंपनियों के डिस्ट्रीब्यूटर्स से शिकायत करते हैं तो आगे से एक ही जवाब मिलता है कि थोड़े दिन की प्रॉब्लम है हो जायेगा ठीक। लोगों के मुताबिक ये समस्या आज की नहीं बल्कि लंबे समय से बनी हुई है। फिलहाल लोगों ने सरकार से अपील की है कि सरकार मोबाइल कंपनियों से बात कर इस मसले को हल करवाये ताकि लोगों के काम सुचारू रूप से चल सकें।

 

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